ब्यूरो चीफ़ आरिफ़ मोहम्मद कानपुर देहात
*जनपद में शौचालय तालाबंदी के शिकार ओडीएफ योजना की खुली पोल*
*कागजों पर हो रहा है सचिवालयो का संचालन धरातल पर दम तोड़ रही योजना*
कानपुर देहात, शासन एक ओर जहां ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवनों को मिनी सचिवालय के रूप में संचालित करने के साथ गांव के सामुदायिक शौचालय के संचालन पर जोर दिया जा रहा है। लगातार जिला स्तरीय अधिकारी ग्राम सचिवालय में शौचालय के संचालन के लिए समीक्षा बैठक कर रहे हैं। लेकिन पंचायतों में तैनात सचिवों की उदासीनता के चलते सचिवालय एवं शौचालय के संचालन पर ग्रहण लगा हुआ है। सरवन खेड़ा विकासखंड के उमरन गांव सभा के मजरा रहीमपुर में बने सामुदायिक शौचालय एवं पंचायत भवन में शुक्रवार को ताला लटका दिखाई दिया। इससे इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है जिससे लोग छोटे-छोटे कामों के लिए ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं वही शौच के लिए खुले में जाने को विवश है।
शासन ग्रामीण अंचल के लोगों को एक ही छत के नीचे ब्लॉक एवं तहसील के कामों को कराने व विभिन्न लाभकारी योजनाओं के प्रसार एवं क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवनों को मिनी सचिवालय के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए है। सचिवालय के संचालन के लिए गांव-गांव पंचायत सहायकों की तैनाती कर उन्हें प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। लेकिन ग्राम सचिव एवं पंचायत विभाग के अफसरों की लापरवाही के चलते शासन की महत्वकांक्षी योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। विभागीय अफसरों की अनदेखी के चलते अधिकांश सचिवालय एवं सामुदायिक शौचालय में तालाबंदी दिख रही है। इससे परिवार रजिस्टर की नकल जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र पेंशन योजना सहित राजस्व विभाग के खतौनी आदि के कागजों के लिए ग्रामीण अंचल के लोगों को ब्लॉक व तहसील कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसी तरह सामुदायिक शौचालय में भी तालाबंदी होने से लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। लेकिन शासन की महत्वकांक्षी इस योजना को धरातल पर उतारने में अधिकारी केवल कागजी घोड़ा दौड़ा रहे हैं। इससे योजना का सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है और शासन की महत्वकांक्षी योजना का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा है सचिवालय और शौचालय संचालन के नाम पर प्रतिमाह हजारों रुपए की धनराशि निकासी के बावजूद भी इसके संचालन न होने से सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला प्रकाश में आ रहा है। सरवन खेड़ा ब्लॉक क्षेत्र के उमरन गांव सभा में बने सचिवालय एवं शौचालय में तालाबंदी दिखाई दे रही है। शौचालय में अब तक रनिंग वाटर की व्यवस्था नहीं है जिससे इसके संचालन पर ग्रहण लगा हुआ है और कागजों पर संचालन दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। लेकिन जिम्मेदार लोग सचिवालय एवं संस्था के संचालन के प्रति संजीदगी नहीं दिखा रहे। खंड विकास अधिकारी उमाशंकर सिंह ने बताया कि मामले की जांच करा कर कार्यवाही की जाएगी संबंधित सचिव के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए सचिवालय एवं शौचालय का नियमित संचालन शुरू कराया जाएगा।
