धर्म और जाति की राजनीति किसी का पेट नहीं भर रही- प्रियंका गांधी

By | February 21, 2022

ब्यूरो रिपोर्ट;

लखनऊ-

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने जगतपुर, बाबूगंज, ऊंचाहार, गदागंज, गौरा, बछरावां, महराजगंज में जनसंपर्क अभियान और नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करने के साथ डिग्री कॉलेज से त्रिपुला तिराहे तक रोडशो भी किया और कांग्रेस उम्मीदवारों को वोट देकर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनवाने की अपील की। बछरावां में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी जनसभा में शामिल हुए और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि तीन चरणों में भाजपा साफ हो चुकी है, जनता ने योगी आदित्यनाथ को मठ में वापस भेजने का मन बना लिया है।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि किसान एक साल दिल्ली के बॉर्डर पर खड़े रहे। 700 किसान शहीद हुए। छह किसानों को मंत्री के बेटे ने कुचल दिया। ये लोग चुप रहे। प्रधानमंत्री ने किसानों से पूछा तक नहीं कि आपकी समस्या क्या है। कानून वापस लेने के लिए 700 किसानों की जान लेने की क्या जरूरत थी?

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि कांग्रेस ने गरीबों के साथ हुए अन्याय की लड़ाई लड़ी है। इस सरकार ने गरीब बनाया है। गैस सिलिंडर, राशन के बोरे, थोड़े बहुत पैसे देकर सरकार की जिम्मेदारी ख़त्म नहीं हो जाती। लोगों का पेट नफरत और मुफ्त की राजनीति से नहीं भरने वाला है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि किसान को खाद नहीं मिल रही है, खाद वितरण के सरकारी केंद्र लगभग सारे बंद हैं, निजी वितरण केंद्र खुले हुए हैं।

उन्होंने कहा कि जितने भी नेता हैं, वे समझते हैं कि वे पांच साल बाद आएंगे, धर्म की बातें करेंगे, आपके  जज्बात उभारेंगे, जाति की बातें करेंगे और उन्हें वोट मिल जाएगा। कोई ये नहीं सोच रहा है कि काम नहीं करूंगा, रोजगार नहीं दूंगा तो मुझे वोट नहीं मिलेगा। उत्तर प्रदेश में हर तरह का हुनर मौजूद है लेकिन नौजवान बेरोजगार पड़े हैं।

किसान परेशान हैं। महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है। व्यापारी परेशान हैं। समस्या क्या है? ये क्यों हो रहा है? क्योंकि जो राजनीति आपके सामने है, वह सिर्फ आपको गुमराह करने का काम करती है। सब समझ रहे हैं कि धर्म-जाति के नाम पर वोट मांगेंगे, वोट मिल जाएगा। वे आगे बढ़ेंगे, फूलेंगे-फलेंगे। उनके बड़े-बड़े मित्र उद्योगपति फूलेंगे-फलेंगे। उनको तो सत्ता में रहना है। उनका लक्ष्य है किसी भी हालत में सत्ता में रहना। उनका लक्ष्य पूरा हो रहा है