एक कोशिश ऐसी भी
(मनीष गुप्ता, editor-in-chief समाचार भारती) सिर्फ खाकर मरने से कहीं बेहतर है कुछ समाज के लिए देश के लिए कर जाएं। कर्तव्य पथ की ओर लावारिस शवों का अपने हाथ से दाह संस्कार जैसा कि वादा था लखनऊ में अब कोई लावारिस नहीं कहलाएगा। ऐसे ही किसी वास्तविक सेवा के लिए संपर्क कर… Read More »
