ब्यूरो चीफ़ आरिफ़ मोहम्मद
*न्यू भीमसेन से न्यू भाऊपुर जंक्शन तक दौड़ी मालगाड़ी*
*कानपुर आगरा हाईवे पर ऊपरिगामी सेतु बनाकर परियोजना को किया गया पूरा*
*59 बॉक्स में 5260 टन कोयला लादकर दौड़ाई गई मालगाड़ी से हुआ सफल ट्रायल*
कानपुर देहात,
मुगलसराय से लेकर खुर्जा तक अरबों रुपए की लागत से बनी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना में अधूरी पड़ी 25 किलोमीटर की लाइन का कार्य पूर्ण हो गया इससे न्यू भीमसेन से लेकर न्यू भाऊपुर जंक्शन तक सोमवार की शाम माल गाड़ी चला कर माल ट्रैक का निरीक्षण किया गया। सफल परीक्षण के बाद अब इस पर मालगाड़ी दौड़ सकेंगी । इससे रेलवे लाइन का भार कम होगा और रेल यातायात में सुधार होगा।
पिछले कुछ वर्षों से रेल यात्रा में भारी बढ़ोतरी होने के बाद से दिल्ली हावड़ा रेलवे ट्रैक पर काफी भीड़ हो गई थी। एक ही ट्रैक पर सवारी व माल गाड़ियां चलने से रेलगाड़ियों के आने में विलंब हो रहा था जिसके बाद सरकार ने डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना लाकर मालगाड़ी को अलग से ट्रैक देने की योजना बनाई। जिसके तहत खुर्जा से लेकर इलाहाबाद तक डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना का कार्य शुरू हुआ जो पूरी तरह तैयार हो गया है न्यू भाऊपुर जंक्शन से लेकर खुर्जा तक 1 साल पूर्व मालगाड़ी का संचालन हो चुका है लेकिन न्यू भाऊपुर जंक्शन से न्यू भीमसेन तक ट्रैक उपलब्ध ना होने के कारण असुविधा हो रही थी जिसको भी अब पूरा कर लिया गया है। इससे अधूरी पड़ी डेडीकेटेड फ्रट कॉरिडोर परियोजना का काम पूर्ण होने के बाद सोमवार को उस पर सफल ट्रायल किया गया। मुख्य परियोजना प्रबंधक प्रवीण कुमार पाठक डिप्टी जनरल मैनेजर पीके मुखर्जी सेक्शन इंचार्ज यातायात एवं व्यवसाय विकास उपेंद्र सिंह भदौरिया एवं उप प्रबंधक इलेक्ट्रिक अरुण कुमार की मौजूदगी में सोमवार को 59 डिब्बों की मालगाड़ी में 5207 कोयला लादकर मालगाड़ी न्यू भीमसेन स्टेशन से शाम 16:04 पर चलकर चालक आदित्य कुमार व सत्येंद्र कुमार ने सकुशल न्यू भाऊपुर जंक्शन पर 17:05 पर पहुंचा दिया। इस अधूरे माल ट्रैक का भी सफल ट्रायल रहा जिससे अब न्यू डगमगपुर मुगलसराय से न्यू गोराटी खुर्जा तक डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ट्रैक पूरी तरह से बंद कर तैयार हो गया और इस पर मालगाड़ी दौड़ेगी।
*नेशनल हाईवे पर माल ट्रैक सेतु का निर्माण थी बड़ी समस्या*
डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के न्यू भाऊपुर जंक्शन और एवं न्यू भीमसेन स्टेशन के बीच कानपुर आगरा नेशनल हाईवे पर ऊपर गामी सेतु का निर्माण एक बड़ी समस्या था। लेकिन फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के कुशल प्रबंधन में बड़े ही सावधानी पूर्वक नेशनल हाईवे पर बिना किसी नुकसान के और बिना किसी व्यवधान के माल ट्रैक सेतु का निर्माण कर लिया। जिसके बाद से माल ट्रक का 732 किलोमीटर का सफर पूरी तरह से आसान हो गया। इससे अब रेल एव माल गाड़ियों की गति एवं समय में सुधार आएगा। और रेलवे का यातायात सुगम हो सकेगा।
*कानपुर सेंट्रल स्टेशन से घटेगा माल गाड़ियों का बोझ*
डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के संचालन के बाद अब कानपुर सेंट्रल से माल गाड़ियों का बहुत कम हो जाएगा प्रयागराज से दिल्ली की ओर से आने वाली माल गाड़ियों को कानपुर सेंटर नहीं जाना पड़ेगा न्यू भीमसेन जंक्शन से होते हुए न्यू भाऊपुर जंक्शन से गुजर कर सीधे न्यू गोराटी खुर्जा तक माल गाड़ियां धड़ल्ले से सफर कर सकेंगी। रेलवे लाइन पर माल गाड़ियों का आवागमन कम होने से रेल यातायात में सुधार होगा और पैसेंजर ट्रेन किस समय सारिणी को भी ठीक किया जा सकेगा।
*732 किलोमीटर लंबी है डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना*
प्रयागराज के न्यू डगमगपुर मुगलसराय से न्यू गोराटी खुर्जा तक डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना की करीब 732 किलोमीटर लंबाई है। इसके पूर्ण होने के बाद सफल ट्रायल से माल गाड़ियों का रेलवे ट्रैक से संचालन समाप्त हो जाएगा सभी माल गाड़ियां डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर माल ट्रक से ही गुजरेगी जिससे दिल्ली हावड़ा रेलवे लाइन पर रेलगाड़ियों की यातायात में सुधार होगा पैसेंजर ट्रेन की समय सारणी ठीक की जा सकेगी। अनावश्यक रूप से माल गाड़ियों को क्रास देने के लिए अथवा रेलगाड़ियों को निकालने के लिए माल गाड़ियों को रेलवे ट्रैक पर खड़ा नहीं होना पड़ेगा बल्कि सीधे न्यू गोराटी से लेकर न्यू डगमगपुर तक माल गाड़ियों का अपनी गति से संचालन होगा जिससे व्यवसाय में भी बढ़ोतरी होगी लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। तथा रेलवे यातायात में व्यापक पैमाने पर सुधार होगा।
