राज्य मुख्यालय से राजेश गौतम की रिपोर्ट
लखनऊ
डा0 रोशन जैकब ने बताया कि निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत गैर सहायतित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2022-23 में निशुल्क प्रवेश हेतु अध्यनरत बच्चों की जांच हेतु योजना के तहत आच्छादित विद्यालयों में से 25 प्रतिशत विद्यालयों की रेण्डम स्तर पर जांच करायी जाये। जाँच प्रक्रिया में स्थानीय मजिस्ट्रेट का भी सहयोग लिया
। आरटीई योजना के तहत प्रवेश प्रक्रिया में अच्छी रुचि लेने वाले प्रथम 10 विद्यालयों को चयनित किया जाये तथा उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा। डा रोशन जैकब ने बताया कि गैर सहायतित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2022-23 में निशुल्क प्रवेश हेतु 19 सितम्बर को ऑनलाइन वेबसाइट पर आवेदित बच्चों का 03 चरणों में लॉटरी के माध्यम से किया गया था।
जिसमें जनपद लखनऊ के 1328 गैर सहायतित मान्यता प्राप्त विद्यालयों में 15556 बच्चों का निशुल्क प्रवेश हेतु चयन हुआ है, जिसके सापेक्ष अद्यतन 7943 बच्चों का निशुल्क प्रवेश हो चुका है। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों द्वारा लॉटरी के माध्यम से ऑवटित बच्चों का निशुल्क प्रवेश अद्यतन नहीं लिया गया है। उन विद्यालयों के साथ आवंटित बच्चों के अभिभावकों के साथ मुख्य विकास अधिकारी के द्वारा बैठक की तिथियों का निर्धारण कर कैम्प लगाकर प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण करायी जाये।
जनपद के जिन 40 विद्यालयों द्वारा अद्यतन किसी भी आवंटित बच्चें का प्रवेश नहीं किया गया है, उनको मुख्य विकास अधिकारी लखनऊ की तरफ से तत्काल नोटिस निर्गत किया जाये। यदि विद्यालय द्वारा फिर भी प्रवेश नहीं लिया जाता है, तो उनके विरूद्ध आरटीई अधिनियम में निहित प्राविधानों के अनुसार मान्यता प्रत्याहरण की कार्यवाही सुनिश्चित करायी जायेगी।
आरटीई पोर्टल पर विद्यालयों द्वारा मैप्ड कराये गये विवरण का सत्यापन कार्यालयीय अभिलेखों से कराया जाये। लक्ष्य के सापेक्ष प्रवेशित बच्चों की संख्या पूर्ण न होने के कारण निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत 25 प्रतिशत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के लॉटरी के माध्यम से चयनित बच्चों का प्रवेश पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये गये।
