प्रतापगढ़ से ब्यूरो चीफ बृजेश सिंह की रिपोर्ट
कोरोना महामारी और लॉकडाउन की वजह से धड़ाम हुए बाजारों को वापस पटरी पर लाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मोदी सरकार ने शनिवार को एक सर्कुलर जारी कर कहा कि जिन लोगों ने भी राष्ट्रीय बैंकों या एनबीएफसी जैसे अन्य वित्तीय संस्थानों से दो करोड़ रुपए तक का लोन लिया है, उनका लॉकडाउन के समय यानी कुल छह महीने का चक्रवृद्धि ब्याज माफ होगा।सरकार ने सर्कुलर जारी कर कहा है कि सभी बैंक अब देनदारों से वसूले गए चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के अंतर को लौटाएंगे। यानी जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान चक्रवृद्धि ब्याज बैंकों को भरा है, उन्हें इसका अंतर वापस मिलेगा। वहीं जिन्होंने मोरैटोरियम के दौरान ब्याज नहीं चुकाया है, उन्हें सिर्फ साधारण ब्याज ही भरना होगा।
