नेपाल ने फिर किया दुस्साहस, नो मैंस लैंड पर और बढ़ाया कब्जा; भारतीय जवानों पर भी किया पथराव

By | July 26, 2020

नई दिल्ली। नेपाल का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है। चीन की शह पर नेपाल अपनी सीमा पर सुरक्षा बलों की तैनाती में जुट गया है। जहां उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से सटी सीमा पर नेपाल ने बॉर्डर चौकी बनाने की कवायद तेज कर दी है, वहीं उत्तराखंड के चंपावत जिले के टनकपुर से लगती सीमा में नो मैंस लैंड में अतिक्रमण करना जारी है। तीन दिन से भारत के सकारात्मक रवैये के बावजूद नेपाल ने शनिवार को भी नो-मैंस लैंड में अतिक्रमण करना जारी रखा। ऐसे में अतिक्रमण रोकने के लिए पहुंची सशस्त्र सीमा बल (SSB) की टीम पर नेपाल के नागरिकों ने पथराव कर दिया। हालांकि किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन एसएसबी ने सीमा की ओर आने-जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

भारत-नेपाल सीमा पर पिलर 811 के समीप नो-मैंस लैंड पर नेपाल वन समिति व नेपाली नागरिकों द्वारा अतिक्रमण के उद्देश्य से विगत पांच-छह दिनों से तारबाड़ व पिलर लगाए जा रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। एसएसबी की रिपोर्ट पर गुरुवार को दोनों देशों के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया था। चंपावत के जिलाधिकारी के अनुसार नेपाल ने भारत को अतिक्रमण हटाने का भरोसा देते हुए दो दिन का समय मांगा था। वहीं, शुक्रवार को नेपाल वन समिति व नागरिकों ने अतिक्रमण जारी रखा। एसएसबी के पहुंचने पर नेपाली नागरिकों ने जबरदस्त विरोध किया था। इसके बाद एसएसबी जवान लौट आए और पूरी रिपोर्ट डीएम व कंपनी कमांडेंट को सौंपी।

शनिवार को नेपाली नागरिकों ने बार्डर पर और आगे बढ़कर पिलर गाड़ दिए। एसएसबी की टीम ने इसे गलत मानते हुए सीमा पर पहुंच उनको समझाने का प्रयास किया ही था कि नेपाली नागरिकों ने एसएसबी जवानों पर पथराव कर दिया। एसएसबी के जवान वापस लौट आए और इसकी रिपोर्ट आला अफसरों को दे दी है।

आपत्ति जताई तो कंचनपुर के अफसर बोले, आज जाएंगे मौके पर

चंपावत के एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि नेपाल के कंचनपुर जिले के सीडीओ (जिलाधिकारी) व एसपी से बात हुई है। एसएसबी पर पथराव की घटना पर सख्त आपत्ति जता दी गई है। रविवार को दोनों अधिकारियों ने मौके का मुआयना करने की बात कही है।

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