राम मंदिर के चबूतरे पर लगेंगी रामायण के प्रसंगों की 100 झांकियां

By | November 21, 2022

 

ब्यूरो रिपोर्ट अयोध्या

राम जन्मभूमि परिसर में भगवान श्री राम की भव्य मंदिर निर्माण के लिए बनाएंगे लिंक पर सुपर स्ट्रक्चर निर्माण का कार्य चला हाय मंदिर के गर्भ ग्रह में भगवान श्री रामलला विराजमान होंगे तो वहीं मंदिर के बाहरी हिस्से यानी चबूतरे पर बाल्मीकि रामायण के प्रसंगों पर आधारित सबसे अधिक झांकियां भी सजाई जाएंगी जिनका दर्शन भक्तों को मिलेगा। दरअसल मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक में राम मंदिर निर्माण और राम जन्मभूमि परिसर में यात्री सुविधाओं परिसर की सुविधा को देखते हुए सीवर,

विद्युत और पेयजल की व्यवस्था को लेकर भी मंथन किया गया।निर्माण समिति की बैठक समाप्त होने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि 70 एकड़ के परिसर में वर्षा का जल सीवर और नाली इसकी व्यवस्था राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ही करेगा नगर निगम के नाली और शिविर पर राम जन्मभूमि परिसर का बोझ नहीं होगा चंपत राय ने कहा कि हम अंदर के सीवर के पानी को 70 एकड़ परिसर में ही शुद्धीकरण करेंगे परिसर में दो जगह पर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा जो पानी को साफ करके बागवानी और पौधे के सींचने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा इसके अलावा राम जन्मभूमि परिसर में पीने के पानी और बिजली की व्यवस्था को लेकर भी बैठक में मंथन किया गया है इंजीनियरों ने बैठक में यह साफ किया कि रामजन्म परिसर में विद्युत व्यवस्था पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगी उसका नगर निगम पर कोई दबाव नहीं पड़ेगा दो तरीके के व्यवस्थाएं राम जन्मभूमि परिसर में की जाएगी ताकि कभी एक तरफ से विद्युत का बाधित हो तो दूसरी तरफ से लाइट सुचारू रखी जाए।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव की माने तो मंदिर के लोअर प्लिंथ को लेकर चर्चा हुई है मंदिर के लोअर प्लिंथ पर भगवान राम के जीवन प्रसंगों पर आधारित प्रसंगों पर मूर्तियां लगाई जाएंगी प्रत्येक प्रसंग की मूर्तियां 6 फीट लंबी 5 फुट ऊंची और 5 फुट मोटी होंगी चंपत राय ने कहा कि लगभग 100 प्रसंगों पर मूर्तियां मंदिर के चारों तरफ लगाई जाएंगी मूर्तियां कैसी होंगी उसका स्वरूप क्या होगा और कौन बनाएगा इस पर बैठक में चर्चा हुई इसके अलावा बाल्मीकि रामायण से 300 प्रसंगों को चुना गया था जिसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने 100 प्रसंगों पर आखिरी मुहर लगाई है चंपत राय ने कहा कि अब इन मूर्तियों का पहले पेंसिल चित्र बनाया जाएगा फिर क्ले के माध्यम से इनको बनाया जाएगा फाइबर से मूर्तियों का मोल्डिंग बनेगा उसके बाद पत्थरो की तराशी होगी इस पर चर्चा हुई।