शोध अध्यादेश 2025 के मुद्दे पर धरना प्रदर्शन के बीच लुआक्टा ने मारी बाजी I

By | August 29, 2025

समाचार भारती के लिए लखनऊ से संवाददाता कृष्णकांत उपाध्याय के साथ चीफ फोटो जर्नलिस्ट,पंकज जोशी की स्पेशल रिपोर्ट…….


25 को लुआक्टा द्वारा महाविद्यालयों से पीएचडी अधिकार छीने जाने की साजिश के विरोधस्वरूप विश्व विद्यालय परिसर मे सरस्वती वाटिका पर धरना एवं विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यू जी सी रेगुलेशन, 2022 के नाम पर मनमाने तरीके से महाविद्यालय के शिक्षकों को शोध अधिकार से वंचित किये जाने के साजिश का विरोध किया गया I अवगत कराना है कि विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक स्तर के शिक्षकों के शोध निर्देशक बनाये जाने का अधिकार राज्य सरकार द्वारा दिया गया है, और बड़े होशियारी से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पी जी शिक्षकों का भी अधिकार हेड आफ डिपार्मेंट की कमेटी की संस्तुति के आधार पर दिये जाने का नियम बना पिछले दरवाजे से छिनने का भी प्रयास किया गया lसूच्य है कि लुआक्टा द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शोध अध्यादेश की विसंगतियों को दूर करने एवं यू जी सी रेगुलेशन 2022 की मनमानी व्याख्या कर लखनऊ विश्वविद्यालय से सह्युक्त महाविद्यालयो स्नातक स्तर पर अध्यापन कार्य करने वाले शिक्षकों को शोध निर्देशक न बनाये जाने संबंधित 3 बार वार्ता हुई लेकिन सभी वार्ता मे विश्वविद्यालय ने अपनी हठ धर्मिता जारी रखी I लुआक्टा द्वारा अकादमिक कौंसिल के दिन भी भारी बारिश के बीच धरना दिया था I
आज लुआक्टा कार्यकारणी के निर्णय के अनुसार 11 बजे से धरने दिया गया साथ ही साथ राजभवन मार्च भी प्रस्तावित था किंतु राजभवन द्वारा लुआक्टा प्रतिनिधि मण्डल को वार्ता हेतु आमंत्रित किया गया एवं राजभवन द्वारा इस विषय पर वार्ता किया, वार्ता मे विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि के रूप में कुलसचिव लखनऊ विश्वविद्यालय, डींन आकादमिक प्रो गीतांजलि मिश्रा, प्रो पंकज माथुर, एवं विश्वविद्यालय के विधिक सलाहकार प्रो आनंद विश्वकर्मा उपस्थित रहे l लुआक्टा द्वारा विश्वविद्यालय की मनमानी से राजभवन को अवगत कराया गया, एवं यह भी अवगत कराया गया कि यह रेगुलेशन अभी तक राज्य सरकार द्वारा अंगीकृत नही किया गया है, तथा यू जी सी की संस्तुतिया आदेशात्मक नही होती, ये केवल सुझाव होती है तथा जब तक राज्य सरकार द्वारा अंगीकृत नही किया जाता है, तब तक विश्वविद्यालय को इसे लागू करने का अधिकार भी नही है, साथ यह भी अवगत कराया गया कि वर्तमान कुलपति अल्पकालिक है और इन्हे नीतिविषयक निर्णय लेने का अधिकार नही है , जिसे राज भवन द्वारा स्वीकार किया गया lवार्ता में राजभवन द्वारा अवगत कराया गया कि यह संशोधन किसी एक विश्वविद्यालय का नही है, और राजभवन द्वारा इस विषय पर राज्य सरकार को पत्र लिखने पर सहमति बनी और राजभवन द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि यदि लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा अध्यादेश पारित कर राज भवन को प्रेषित किया जाता है तो ऐसे मंजूरी नही दी जायेगी, जबतक राज्य सरकार द्वारा इसे स्वीकार नहीं किया जाता है l
धरने मे फिरोज गाँधी पीजी कॉलेज, रायबरेली, बैसवारा पीजी कॉलेज, सर्वोदय पीठ पी जी कॉलेज सलोन, कमला नेहरू पीजी कॉलेज तेजगांव, सीएसएन पीजी कॉलेज, आर एम पी पी जी कॉलेज, सीतापुर, एएनडी पीजी कॉलेज, सीतापुर, हिंदू कन्या पीजी कॉलेज, श्री गाँधी महाविद्यालय, सिधौली, वाई डी पीजी कॉलेज, सीजीएन पीजी कॉलेज, गोला, वाईडी पीजी कॉलेज, भगवान दीन पीजी कॉलेज, सीएसएन पीजी कॉलेज, हरदोई, आर्य कन्या पीजी कॉलेज, हरदोई के साथ लखनऊ के सभी महाविद्यालयों के शिक्षकों ने अवकाश लेकर धरना दिया I धरने को लुआक्टा के समस्त पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों ने भी संबोधित किया I धरने मे पीएचडी के हक के साथ परीक्षा संबंधित शिक्षकों के भुगतान, विश्वविद्यालय की कमेटियों मे भागीदारी, वरिष्ठता सूची संबंधित मुद्दे भी उठे I