
लखनऊ से मुख्य छायाकार पंकज जोशी के साथ अभिनव शर्मा की रिपोर्ट
कृषि कानूनों के विरोध में राजभवन का घेराव कर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को ज्ञापन देने के भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के एलान के चलते गोसाईगंज के कबीरपुर गांव के पास किसान इकट्ठा हो गए। ठंड के बावजूद किसान सड़क के किनारे बैठकर आगे की रणनीति बनाते नजर आए। टैक्टरों के साथ किसान जुटने लगे। यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश चौहान व किसान नेता मान सिंह वर्मा सहित किसान नेता किसानों को कृषि कानून की कमियों के बारे में बताते नजर आए।
किसान नेता मान सिंह ने बताया किसानों के विरोध के बावजूद केंद्र सरकार ने कृषि कानून लाकर, बड़े व्यापारियों को लाभ पहुंचाने में लगी हैं। इस किसान विरोधी कानून को सरकार जब तक वापस नहीं लेगी, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश सरकार किसानों को रोकना चाह रही है। पुलिस तैनात कर उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करके किसानो के साथ खडे होने का दिखावा कर रही है। यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिनाम वर्मा ने भी कहा किसानों के लिए कानून बनाया गया,किसानों से पूछा नहीं गया। किसान विरोध कर रहे हैं। तो उन्हें देशद्रोही की संज्ञा दी जा रही है।
किसान आंदोलन के बीच शनिवार को लखनऊ में राजभवन घेरने की किसान नेताओं की योजना को लेकर सभी जिलों के बॉर्डर पर गहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। राजभवन के भी हर गेट पर भारी पुलिस बल तैनात है।
किसान नेताओं ने शनिवार को कृषि कानूनों के खिलाफ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से भेंट करने का कार्यक्रम बनाया था। किसान नेताओं की इस योजना की जानकारी होने के बाद प्रदेश सरकार हाई अलर्ट पर आ गई। सरकार की इस तैयारी के बाद किसान बैकफुट पर आ गए। इसके बाद हरनाम सिंह के नेतृत्व में किसानों के बारह सदस्यीय एक दल राजभवन आने का कार्यक्रम फाइनल हो गया। किसान राजभवन एडीएम, डीसीपी, एडीसीपी के साथ पहुंचे हैं।
इस प्रतिनिधिमंडल के राजभवन पहुंचने से पहले अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर तथा लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश भी राजभवन पहुंच गए। इस किसान विरोधी कानून के कार्यक्रम में राष्ट्रीय सचिव घनश्याम वर्मा, सरदार गुरमीत सिंह, प्रदेश प्रवक्ता आलोक वर्मा,जिला अध्यक्ष बाराबंकी अनिल वर्मा सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।