कासगंज में घर घर में पूजी जा रही हैं मां सिद्विदात्री

By | October 26, 2020

कासगज यूपी
ब्यूरो चीफ अशोक शर्मा की रिपोर्ट

नवरात्र के आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री के दर्शन को सैलाब

घंटे घडियालों और मातारानी के जयकारों से भक्ति मय हुआ वातावरण

सर्व सिद्वि प्राप्त माता के दर्शन से होती हैं मनोकामनाएं पूरी

एंकर:- नवरात्रि के नौवें दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा दर्शन का विधान है। इनकी आराधना से माता सिद्धिदात्री अपने भक्तों को सभी प्रकार की सिद्धियां देती है। नवरात्रि के आखिरी तीन दिन माता सरस्वती को समर्पित होते हैं। माता सिद्धिदात्री को माता सरस्वती का रूप भी माना जाता है।

आपको बता दें कि नौ दिन चलने वाले शारदीय नवरात्र के अंतिम तिथि पर भक्तों ने माता सिद्धिदात्री का दर्शन पूजन कर अपने कल्याण की कामना की एवं नवरात्र में व्रत अनुष्ठान पूजन पाठ के पूर्ण आहुति को मां के चरणों में समर्पित कर आशीर्वाद लिया।कासगंज जनपद के प्रमुख चामुंडा मंदिर में देवी भक्तो ने कतारबद्ध खडे होकर पूजा अर्चना की और कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी का नेस्तानाबूद करने की दुआएं मांगी।

माना जाता है देवी नव दुर्गा के नौवी शक्ति माता सिद्धिदात्री समस्त प्रकार की सिद्धियों कों अपने अधीन रखती हैं। मार्कण्डेय पुराण के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वाशित्व-ये आठ सिद्धियां होती हैं। देवी पुराण के अनुसार भगवान शिव ने सिद्धिदात्री की कृपा से ही इन सिद्धियों को प्राप्त किया था। उनकी अनुकंपा से ही भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ था। इसी कारण वह लोक में ‘अर्धनारीश्वर’ नाम से प्रसिद्ध हुए। अर्धनारीश्वर रूप की साधना कर तांत्रिक इच्छित सिद्धि प्राप्त करते हैं। मां सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं। इनका वाहन सिंह है। ये कमल पुष्प पर आसीन होती हैं। इनके दाहिनी तरफ के नीचे वाले हाथ में चक्र, ऊपर के हाथ में गदा तथा बायीं तरफ के नीचे वाले हाथ में शंख और ऊपर वाले हाथ में कमल पुष्प है। इस दिन शास्त्रीय विधि- विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। माता की आराधना करने से सभी प्रकार के ज्ञान सुलभता से मिल जाते हैं।  माता की आराधना करने वालों को कभी कोई कष्ट नहीं होता है। आज नवरात्रि का आखिरी दिन है। इसके बाद अगले दिन दशहरा का महापर्व मनाया जाता है जाता है।

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