
लखनऊ – कांग्रेस की यूपी जोड़ो यात्रा चार जनवरी को पहुंचेगी लखनऊ। भव्य स्वागत करने की हो रही हैं तैयारियां। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में सहारनपुर से निकली यूपी जोड़ो यात्रा चार जनवरी को लखनऊ की सीमा में प्रवेश करेगी। बीकेटी में रात्रि विश्राम और जनसभा होगी। छह को शहीद स्मारक पर नए साल के संकल्पों और जनसभा के साथ पहले चरण की यात्रा समाप्त होगी। पार्टी प्रदेश मुख्यालय पर हुई बैठक में यात्रा के स्वागत की तैयारी को लेकर रणनीति बनाई गई। लखनऊ की सीमा में यात्रा के स्वागत और अन्य व्यवस्था के लिए अलग- अलग कमेटियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। इस यात्रा का आयोजन कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश में सत्ता में वापसी के लिए किया है। यात्रा के माध्यम से पार्टी जनता से संपर्क कर रही है और अपनी नीतियों को जन-जन तक पहुंचा रही है।

वहीँ उत्तर प्रदेश में कांग्रेस चुनाव से पहले एक तरफ मजबूती देती दिख रही थी,तो वही समाजवादी पार्टी से खींचतान भी कांग्रेस और “इंडिया गठबंधन” को परेशान कर कर रही थी, इसी बीच कांग्रेस को एक और तगड़ा झटका मिला है और वह झटका किसी और को नहीं बल्कि कांग्रेस की सीनियर लीडर,”प्रियंका गांधी वाड्रा” को मिला है । आखिर “Misses वाड्रा इस समय क्यों हैरान और परेशान है ।
“समाचार भारती” आज अपनी रिपोर्ट के जरिए,यह आपको दिखाएगा भी और बतायागा भी,लेकिन इससे पहले यह जान लीजिए कि “भारतीय जनता पार्टी” चुनाव से पहले ,कई प्रदेशों में जहां एक तरफ मजबूती करती दिख रही है । तो वही दूसरी तरफ,”तमाम एजेंसियां”, विपक्षी नेताओं के यहां ताबड़तोड़ कारवाइयां भी कर रही हैं । कुछ ऐसी कार्रवाई एक बार फिर सामने आई है और यह कार्रवाई किसी और ने नहीं बल्कि,”प्रवर्तन निदेशालय”, “एनफोर्समेंट डिपार्मेंट ED ने की है,इस कार्रवाई में पहली बार “चार्ज सीट” में “प्रियंका गांधी वाड्रा” का नाम भी आ गया है,जो कांग्रेस को परेशान और हैरान कर रहा है lपूरा मामला परत-दर-परत आज अपनी इस रिपोर्ट में हम खोलेंगे, लेकिन इससे पहले जरा “फ्लैशबैक” में चलना होगा । मामला है सन 2006 का,फरीदाबाद में 5 एकड़ जमीन को लेकर ED ने “मनी लांड्रिंग एक्ट” के तहत,”प्रियंका गांधी वाड्रा” का नाम चार्जसीट में शामिल किया है ।

प्रियंका गांधी ने हरियाणा के फरीदाबाद में 5 एकड़ जमीन एक एजेंट के माध्यम से 2006 में खरीदी और वह जमीन 2010 में बेच दी गई,दरअसल हरियाणा में यह जमीन खेती की थी और इस 5 एकड़ जमीन का सौदा एक रियल एस्टेट एजेंट HL पाहवा से खरीदी थी और फिर 2010 में पाहवा के हाथ ही,यह जमीन दोबारा भेज दी गई इस जमीन का सौदा फरीदाबाद के अमीरपुर गांव में किया गया था, दरअसल मामला जुड़ा हुआ है HLपाहवा से यह वही पाहवा है, जिसने एनआरआई सीसी थंपी को जमीन बेच और मामला तूल पकड़ता गया, कारोबारी सीसी थंपी के संबंध हथियार डीलर संजय भंडारी से भी थे,कहीं ना कहीं संजय भंडारी को भारत सरकार की तमाम एजेंसियां मनी लांड्रिंग एक्ट और इकोनॉमिकल क्राइम के साथ-साथ “आर्टिफिशियल एक्ट” के तहत भी ढूंढ रही है । फिलहाल संजय भंडारी ब्रिटेन भाग चुका है । इस पूरे मामले को लेकर अब प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम ED ने चार्ज सीट में शामिल कर लिया है । यही वजह है कि लोकसभा चुनाव के ठीक पहले,प्रियंका गांधी वाड्रा पर अगर कार्रवाई होती है,तो कहीं ना कहीं कांग्रेस के लिए तगड़ा झटका भी होगा और भारतीय जनता पार्टी को एक मौका भी मिलेगा । कांग्रेस की एक और कारगुजारी खोलने का।

